सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कुछ घरेलू नुस्खे -----

कुछ घरेलू नुस्खे -----

जुकाम से नाक बंद हो जाना : ठंड या बारिश के मौसम में जुकाम के कारण नाक बंद हो जाती है। ऐसे मौसम में यह समस्या एक आम बात है। इससे बचाव के लिए अजवाय को भून कर पीस ले। उसे एक सूती कपड़े में बांधकर इनहेलर बना लें। इसे बच्चों को सुघांते रहे इससे निकलने वाली सुगंध नाक को खोलने में मदद करती है।

अदरक का एक छोटा टुकड़ा छीले बिना (छिलकेसहित) आग में गर्म करके छिलका उतार दें। इसे मुँह में रख कर आहिस्ता-आहिस्ता चबाते चूसते रहने से अन्दर जमा और रुका हुआ बलगम निकल जाता है और सर्दी-खाँसी ठीक हो जाती है।

एक गिलास गरम पानी में चुटकीभर सेंधा नमक, चुटकीभर खाने का सोडा मिलाकर दिन में दो बार तथा सोते समय गरारे करने से गले की खराश में आराम मिलता है।

एलोवेरा एक बेहतरीन स्किन टोनर है। एलोवेरा फेशवॉश से त्‍वचा की नियमित सफाई से त्‍वचा से अतिरिक्‍त तेल निकल जाता है, जो पिंपल्‍स यानी कील-मुहांसे को पनपने ही नहीं देता है।

बालों को स्वस्थ रखने और उनको बीमारी इत्यादि से बचाने के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे ना सिर्फ आपके बालों में चमक आएगी बल्कि आपके बाल किसी भी होने वाली बीमारी से भी बच पाएंगे।

आसान है तनाव पर काबू पाना

तनाव का जिंदगी से गहरा रिश्ता है लेकिन अगर हमें मन और परिस्थिति पर नियंत्रण करने का तरीका आता है तो इस तनाव की छाया हमारे मन और तन पर नहीं पड़ सकती। आइए जानते हैं तनाव भरी स्थिति में कैसे खुश रहा जा सकता है।

* किसी घटना अथवा बात पर अपना दिमाग खराब न करें। कोई घटना हो गई हो तो उस पर दिमागी मंथन तो कतई न करें, सदा प्रसन्नचित्त रहने का प्रयास करें।

* जब आप घर में हों तो बच्चों के साथ खूब मस्ती करें, उछल-कूद करें, यह क्रिया आपको एनर्जी देगी और मन प्रफुल्लित रखेगी। वैसे भी बच्चों के साथ सारे टेंशन दूर हो जाते हैं।

* हर व्यक्ति अपने जीवन में किसी न किसी संस्था से जुड़ा होता है, आप भी किसी खेल, सामाजिक, सांस्कृतिक या रचनात्मक संस्था से जुड़ें और उसके लिए अपना समय निकाले, फिर देखें आपका तनाव कैसे कम होता है।
* सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक कभी भी पंद्रह मिनट का समय निकालकर गहरी-गहरी सांस लें, यह आपके फेफड़े और शरीर को ऊर्जा प्रदान करेगी। इस साधना के अन्य बहुत से फायदे हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

"आम खाने के आयुर्वेदिक उपाय: पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए जानिए कुछ आसान उपाय"

"आम खाने के आयुर्वेदिक उपाय: पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए जानिए कुछ आसान उपाय" आम एक फल है जो भारत के सभी भागों में पाया जाता है। यह एक खुशबूदार और स्वादिष्ट फल है जिसे समूचे विश्व में बड़े पसंद किया जाता है। इसके अलावा, आम के कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं जो इसे औषधि के रूप में भी उपयोगी बनाते हैं। नीचे दिए गए हैं कुछ रोचक जानकारियां जो आपको आम के बारे में और अधिक जानने में मदद करेंगी: आम का नाम फलों के राजा क्यों है? इसलिए कि यह फल अन्य फलों से अधिक मीठा होता है। इसके अलावा, यह फल बहुत सुकूनदायक भी होता है और इसे खाने से मन और शरीर दोनों को फ्रेश महसूस होता है। आम में विटामिन सी, विटामिन ए और फोलेट होते हैं। इन सभी तत्वों का सेवन हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है। विटामिन सी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, वहीं विटामिन ए हमारी आंखों के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। आम में फाइबर भी होता है, जो हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा, आम में कैरोटीन भी होता है, जो हमारी त्वचा के लिए बहुत लाभदायक होता है। आम का उपयोग आपकी दांतों के लिए भी फायद...

🍃पुदीना : ठंडा-ठंडा, कूल-कूल पुदीने का रस पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है

कई बार हम साधारण सी बीमारी में भी घबरा जाते हैं लेकिन अगर हमें थोड़ा भी घरेलू नुस्खों के बारे में पता हो तो आसानी से तुरंत इलाज किया जा सकता है। दादी-नानी के खजाने से हम लेकर आए हैं ऐसे ही कुछ खास लाजवाब सरल-सहज नुस्खे, जिन्हें अपना कर आप भी पा सकते हैं निरोगी काया : • हैजे में पुदीना , प्याज का रस, नींबू का रस बराबर-बराबर मात्रा में मिलाकर पिलाने से लाभ होता है। उल्टी-दस्त, हैजा हो तो आधा कप पुदीना का रस हर दो घंटे से रोगी को पिलाएं। • ‎आंत्रकृमि में पुदीने का रस दें। • ‎अजीर्ण होने पर पुदीने का रस पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है। • ‎पेटदर्द और अरुचि में 3 ग्राम पुदीने के रस में जीरा, हींग, कालीमिर्च, कुछ नमक डालकर गर्म करके पीने से लाभ होता है। • ‎प्रसव के समय पुदीने का रस पिलाने से प्रसव आसानी से हो जाता है। • ‎बिच्छू या बर्रे के दंश स्थान पर पुदीने का अर्क लगाने से यह विष को खींच लेता है और दर्द को भी शांत करता है। • ‎दस ग्राम पुदीना व बीस ग्राम गुड़ दो सौ ग्राम पानी में उबालकर पिलाने से बार-बार उछलने वाली पित्ती ठीक हो जाती है। • ‎पुदीने को पानी में उबालकर थोड़ी चीनी मिलाकर उस...

आंवला लड्डू बनाने की विधि - Amla Laddu Recipe in Hindi

                         आंवला लड्डू बनाने की विधि                                      (Amla Laddu Recipe in Hindi) आंवला में विटामिन सी और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, इसलिए इसका उपयोग अध‍िक से अध‍िक करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हाजमा दुरूस्त होता है। इसके साथ ही यह आंखों और बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। साथ ही यह बच्चों को भी बहुत पसंद आता है। आंवले की इन्हीं विशेषताओं को देखते हुए पिछले दिनों आंवले का मुरब्बा बनाने की विध‍ि बताई गयी थी। उसी क्रम में आज आंवले का लड्डू बनाने की रेसिपी प्रस्तुत है। आवश्यक सामग्री:   "आंवला लड्डू बनाने की विधि - Amla Laddu Recipe in Hindi" आंवला-500 ग्राम, चीनी-500 ग्राम, बादाम-50 ग्राम (पीस कर पाउडर बनाया हुआ), काजू-50 ग्राम (बारीक कतरे हुए), देशी घी-चार बड़े चम्मच, इलायची पाउडर-आधा छोटा चम्मच, जायफल पाउडर-आधा छोटा चम्मच। आंवला लड्...