सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

इमरती बनाने की विधि

इमरती बनाने की विधि -

ठंड के मौसम में गरम-गरम चीजें खाने का आनंद ही कुछ और है। और फिर अगर वह कोई मीठा जैसे कि इमरती हो, तो कहना ही क्या। इमरती का नाम सुनकर आपका मन भी बच्चा बन गया न? तो ज्यादा बेकरार होने की जरूरत नहीं, इमरती की खास रेसिपी आपके लिए हाजिर है। इसे ट्राई करें और फिर हमें जरूर बताएं कि आपको यह रेसिपी कैसी लगी।

आवश्यक सामग्री:
उड़द की दाल (छिलके रहित)-250 ग्राम, चीनी-500 ग्राम, अारारोट-50 ग्राम, पीला रंग (खाने वाला)-01 चुटकी, घी-तलने के लिए, गोल छेद वाला मोटे कपड़े का रुमाल (इमरती छानने के लिए)।

इमरती बनाने की विधि:
सबसे पहले उड़द की दाल अच्छी तरह से धो लें, फिर उसे रात भर के लिए पानी में भिगो दें। सुबह दाल का पानी निकाल दें और उसे मिक्सर में बारीक पीस लें। दाल पीसने के बाद उसमें रंग और अरारोट मिला दें और अच्छी तरह से फेंट लें।

अब किसी छोटे भगोने में एक कप पानी लें और उसमें चीनी डाल कर घोल लें। चीनी घुलले के बाद घोल वाले बर्तन को आग पर तब तक पकाएं, जब तक उसकी एक तार की चाशनी न बन जाए। इसे चेक करने के लिए एक छोटे चम्मच में चाशनी को निकाल कर उसे ठंडा कर लें और दो उंगलियों के बीच रख कर चिपका कर देखें। अगर उंगलियों के बीच एक तार जैसा बनता है, तो समझ लें कि आपकी चाशनी तैयार है।

चाशनी बनने के बाद एक समतल कड़ाही लें और उसमें घी डालकर उसे गर्म करें। घी गर्म होने पर कपड़े में तीन-चार बड़े चम्मच फेंटी हुई दाल भर लें। इसके बाद कपड़े को ऊपर से पकड़ कर टाइट कर लें और उसे ऊपर से दबाते हुए गर्म घी में गोल कंगूरेदार इमरती बनाएं और उन्हें कुरकुरी तल लें। तलने के बाद इमरती को घी से निकालें और उन्हें चाशनी में डुबो दें। पन्द्रह से बीस मिनट चाशनी में डूबी रहने के बाद उन्हें निकाल लें। अब आपकी इमरती तैयार हैं। उन्हें गर्मा-गरम प्लेट में निकालें और सर्व करें।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

"आम खाने के आयुर्वेदिक उपाय: पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए जानिए कुछ आसान उपाय"

"आम खाने के आयुर्वेदिक उपाय: पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए जानिए कुछ आसान उपाय" आम एक फल है जो भारत के सभी भागों में पाया जाता है। यह एक खुशबूदार और स्वादिष्ट फल है जिसे समूचे विश्व में बड़े पसंद किया जाता है। इसके अलावा, आम के कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं जो इसे औषधि के रूप में भी उपयोगी बनाते हैं। नीचे दिए गए हैं कुछ रोचक जानकारियां जो आपको आम के बारे में और अधिक जानने में मदद करेंगी: आम का नाम फलों के राजा क्यों है? इसलिए कि यह फल अन्य फलों से अधिक मीठा होता है। इसके अलावा, यह फल बहुत सुकूनदायक भी होता है और इसे खाने से मन और शरीर दोनों को फ्रेश महसूस होता है। आम में विटामिन सी, विटामिन ए और फोलेट होते हैं। इन सभी तत्वों का सेवन हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है। विटामिन सी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, वहीं विटामिन ए हमारी आंखों के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। आम में फाइबर भी होता है, जो हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा, आम में कैरोटीन भी होता है, जो हमारी त्वचा के लिए बहुत लाभदायक होता है। आम का उपयोग आपकी दांतों के लिए भी फायद...

🍃पुदीना : ठंडा-ठंडा, कूल-कूल पुदीने का रस पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है

कई बार हम साधारण सी बीमारी में भी घबरा जाते हैं लेकिन अगर हमें थोड़ा भी घरेलू नुस्खों के बारे में पता हो तो आसानी से तुरंत इलाज किया जा सकता है। दादी-नानी के खजाने से हम लेकर आए हैं ऐसे ही कुछ खास लाजवाब सरल-सहज नुस्खे, जिन्हें अपना कर आप भी पा सकते हैं निरोगी काया : • हैजे में पुदीना , प्याज का रस, नींबू का रस बराबर-बराबर मात्रा में मिलाकर पिलाने से लाभ होता है। उल्टी-दस्त, हैजा हो तो आधा कप पुदीना का रस हर दो घंटे से रोगी को पिलाएं। • ‎आंत्रकृमि में पुदीने का रस दें। • ‎अजीर्ण होने पर पुदीने का रस पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है। • ‎पेटदर्द और अरुचि में 3 ग्राम पुदीने के रस में जीरा, हींग, कालीमिर्च, कुछ नमक डालकर गर्म करके पीने से लाभ होता है। • ‎प्रसव के समय पुदीने का रस पिलाने से प्रसव आसानी से हो जाता है। • ‎बिच्छू या बर्रे के दंश स्थान पर पुदीने का अर्क लगाने से यह विष को खींच लेता है और दर्द को भी शांत करता है। • ‎दस ग्राम पुदीना व बीस ग्राम गुड़ दो सौ ग्राम पानी में उबालकर पिलाने से बार-बार उछलने वाली पित्ती ठीक हो जाती है। • ‎पुदीने को पानी में उबालकर थोड़ी चीनी मिलाकर उस...

आंवला लड्डू बनाने की विधि - Amla Laddu Recipe in Hindi

                         आंवला लड्डू बनाने की विधि                                      (Amla Laddu Recipe in Hindi) आंवला में विटामिन सी और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, इसलिए इसका उपयोग अध‍िक से अध‍िक करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हाजमा दुरूस्त होता है। इसके साथ ही यह आंखों और बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। साथ ही यह बच्चों को भी बहुत पसंद आता है। आंवले की इन्हीं विशेषताओं को देखते हुए पिछले दिनों आंवले का मुरब्बा बनाने की विध‍ि बताई गयी थी। उसी क्रम में आज आंवले का लड्डू बनाने की रेसिपी प्रस्तुत है। आवश्यक सामग्री:   "आंवला लड्डू बनाने की विधि - Amla Laddu Recipe in Hindi" आंवला-500 ग्राम, चीनी-500 ग्राम, बादाम-50 ग्राम (पीस कर पाउडर बनाया हुआ), काजू-50 ग्राम (बारीक कतरे हुए), देशी घी-चार बड़े चम्मच, इलायची पाउडर-आधा छोटा चम्मच, जायफल पाउडर-आधा छोटा चम्मच। आंवला लड्...